स्कूल से भेजे मार्क्स के रिव्यू में जुटी CBSE, इस हफ्ते 10वीं और अगले हफ्ते 12वीं का रिजल्ट जारी करेगा बोर्ड

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 10वीं का रिजल्ट जारी करने के लिए स्कूलों से भेजे गए मार्क्स के रिव्यू को फाइनल करना शुरू कर दिया है। सब कुछ ठीक रहा तो 22 या 23 जुलाई को रिजल्ट जारी किया जा सकता है और इसी को ध्यान में रखकर CBSE तैयारी कर रहा है। यह भी तय है कि जिन स्कूलों के मार्क्स नियमों के तहत अपलोड नहीं हुए हैं, उन स्कूलों का रिजल्ट रोक कर 31 जुलाई के बाद घोषित किया जाए।

वहीं, 12वीं का रिजल्ट अगले सप्ताह जारी किए जाने के आसार हैं। इसका कारण CBSE ने स्कूलों को मार्क्स अपलोड करने के लिए 22 जुलाई की मध्यरात्रि तक का समय देना है। हालांकि, 10वीं और 12वीं के रिजल्ट डेट को लेकर CBSE की ओर से अभी कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है, लेकिन यह भी तय है कि CBSE 31 जुलाई तक 10वीं व 12वीं दोनों के रिजल्ट जारी कर सकता है।

22-23 जुलाई को रिजल्ट जारी होना संभव

जानकारों का कहना है कि CBSE ने 22 जुलाई की मध्यरात्रि का समय 12वीं के मार्क्स अपलोड करने के लिए पोर्टल खोला है। CBSE चाहेगा कि 31 से पहले घोषित करने के लिए पूरा समय 12वीं के रिजल्ट को देगा और ऐसे में 22 और 23 जुलाई को ही 10वीं का रिजल्ट घोषित कर दें, ताकि केवल 12वीं का ही काम बचे।

इसलिए हो रही रिजल्ट जारी करने में देरी

परीक्षा रद्द होने के बाद परिणाम के लिए CBSE ने अंकों का फॉर्मूला तय किया। इसके आधार पर स्कूलों ने ही परिणाम तैयार कर बोर्ड को भेजा, लेकिन कई स्कूल ने अपना रिजल्ट सुधारने के लिए स्टूडेंट को बढ़ा-चढ़ाकर अंक दे दिए। इसी के चलते इन स्कूलों को रिव्यू के बाद फिर से नंबर भेजने के लिए कहा गया। इसके लिए 17 जुलाई तक का समय दिया। इस तिथि के बाद मार्क्स का रिव्यू करने की कवायद शुरू की गई है और माना जा रहा है कि इसके चलते ही परिणाम में देरी हुई।

22 जुलाई की रात तक के लिए खोला पोर्टल

परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज की ओर से स्कूलों को जारी किए आदेश में बताया गया कि कक्षा 12वीं के परिणामों के मॉडरेशन और अंतिम रूप देने के लिए पोर्टल 16 जुलाई (दोपहर) से 22 जुलाई (मध्य रात्रि) तक खोला जा रहा है। बोर्ड को 31 जुलाई तक नवीनतम परिणाम घोषित करना है। अत: निर्धारित शेड्यूल का सख्ती से पालन करें और शेड्यूल के भीतर मॉडरेशन पूरा करें। यदि कोई विद्यालय निर्धारित अवधि में मॉडरेशन पूरा नहीं करता है तो उनका परिणाम 31 जुलाई के बाद अलग से घोषित किया जाएगा।

सीबीएसई कर सकता है स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई

आदेश में यह भी बताया गया है कि यदि यह देखा जाता है कि किसी स्कूल ने निर्देशों का पालन नहीं किया है, तो सीबीएसई परिणाम तैयार करने से पहले नीति के अनुरूप दिए गए अंकों को लाने के लिए अंकों को मॉडरेट करेगा। स्कूलों द्वारा डेटा में किए गए परिवर्तनों को सीबीएसई की ओर से दर्ज किया जाएगा। यदि स्कूलों द्वारा नीति का पूरा पालन नहीं किया गया है, तो सीबीएसई ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर सकता है।

रोल नंबर के लिए स्कूल से संपर्क करें

स्कूलों के पास ऐसे स्टूडेंट्स के रोल नंबर होता हैं, जिन्होंने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इंटरनल असेसमेंट से पहले बोर्ड स्कूलों को स्टूडेंट्स के रोल नंबर भेजता हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स 10वीं के रोल नंबर के बारे में अपने संबंधित स्कूलों से जानकारी हासिल कर सकते हैं।

बिना रोल नंबर के ऐसे करें चेक

इस बार बोर्ड रिजल्ट ऑनलाइन जारी करने के साथ ही डिजिलॉकर पर भी मार्कशीट शेयर करेगा। डिजिलॉकर के जरिए डॉक्यूमेंट एक्सेस करने के लिए रोल नंबर की बजाय आधार कार्ड नंबर और उस मोबाइल नंबर का उपयोग करके अपना परिणाम ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके अलावा बोर्ड ने पिछले साल फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम भी पेश किया था। ऐसे में स्टूडेंट के पास आधार कार्ड नहीं होने पर भी वह डिजिलॉकर का इस्तेमाल कर सकेगा।

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