बोर्ड में कई बड़े बदलाव करियर काउंसिलिंग, ऑनलाइन क्लास व डिजिटल लिटरेसी बढ़ाने का निर्णय : UP

CBSE, ICSE बोर्ड की तर्ज पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP BOARD) ने कई बड़े और अहम बदलाव किए हैं। अब यूपी बोर्ड के विद्यालयों में करियर काउंसिलिंग, ऑनलाइन क्लास व वार्षिकोत्सव अनिवार्य कर दिया गया है। बोर्ड अब डिजिटल लिटरेसी को बढ़ाने देने के लिए अपनी वेबसाइट पर वीडियो लेक्चर व स्टडी मैटीरियल भी उपलब्ध करा रहा है।

इसके अलावा अब हर स्टूडेंट्स के लिए फीडबैक डायरी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस डायरी में बच्चों के प्रति अभिभावकों को फीडबैक दिया और लिया जाएगा। इसके साथ ही साथ छात्रों के लिए विद्यालयों में करियर काउंसिलिंग अनिवार्य कर दी गई है। इन बदलावों के पीछे यूपी बोर्ड से एफिलिएटेड विद्यालयों में पठन-पाठन को हाईटेक करना है। यूपी बोर्ड ने पिछले एक दशक में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।

डिजिटल लिट्रेसी को बढ़ावा देने का प्रयास

माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ला ने बताया कि डिजिटल लिट्रेसी समय की मांग है। समय के चक्र को देखते हुए यूपी बोर्ड ने भी डिजिटल लिटरेसी को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। प्रदेश भर के विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर विषय विशेषज्ञों के यूट्यूब लेक्चर्स को भी अपलोड कर दिया है। इसके अलावा स्टडी मैटीरियल को भी अपलोड कर दिया गया है। कोई भी बच्चा अपने विषय का स्टडी मैटीरियल यूपी बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकता है। इसके पीछे मंशा साफ है , बदलते दौर में यूपी बोर्ड कहीं दूर पीछे ना रह जाए।

करियर काउंसिलिंग भी कराएगा UP बोर्ड

UP बोर्ड ने विद्यार्थियों को कैरियर के प्रति जागरूक करने के लिए करियर काउंसलिंग कराने का निर्णय लिया है। छात्रों को कैरियर चूज करने में मदद मिले इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस के बड़े अधिकारी, डॉक्टर , इंजीनियर, बैंक अधिकारी, सेवायोजन अधिकारी, न्यायिक सेवा के अधिकारी स्कूलों में आएंगे। उनसे छात्रों को सीधे रूबरू कराया जाएगा। यह लोग छात्रों को करियर के प्रति जागरूक करेंगे। छात्र इन अधिकारियों व बिजनेसमैन से सीधे सवाल कर पाएंगे। छात्रों को कैरियर का बेहतर ऑप्शन मिल सके इसके लिए दिसंबर महीने के अंतिम सप्ताह में सभी विद्यालयों में करियर काउंसलिंग सप्ताह का आयोजन अनिवार्य कर दिया गया है। अब करियर काउंसिलिंग, ऑनलाइन क्लास व वार्षिकोत्सव अनिवार्य कर दिया गया है।

ऑनलाइन कक्षाओं का भी मिलेगा विकल्प

यूपी बोर्ड द्वारा जारी वार्षिक एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम को समय से पूरा करने के लिए विद्यालय स्तर पर फिजिकल कक्षाओं के साथ-साथ ऑनलाइन कक्षाओं का भी विकल्प दिया जाएगा। ऑनलाइन कक्षाओं की समय सारणी विद्यार्थियों को अलग से उपलब्ध कराई जाएगी। इसका मकसद यह है कि कोई छात्र किसी भी कारण से अगर विद्यालय आने में असमर्थ है तो वह घर पर बैठे ही अपने विषय की कठिनाइयों को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से दूर कर सके। डीडी यूपी, ईविद्या-9 , ईविद्या-11, स्वयंप्रभा पर कक्षावार प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत समय सारणी की विद्यालयों को उपलब्ध कराई गई है, ताकि छात्र इन कार्यक्रमों के माध्यम से भी अपना ज्ञानवर्धन कर सकें।

दीक्षा पोर्टल पर ईबुक के रूप में मिलेगा स्टडी मैटेरियल

यूपी बोर्ड ने अपनी पाठ्य पुस्तकों को दीक्षा पोर्टल एप पर इबुक्स के रूप में भी अपलोड कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्य कांत शुक्ला ने बताया कि यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर लिंक के रूप में उपलब्ध करा दिया गया है। इस लिंक के माध्यम से पुस्तकों काे विद्यार्थी डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा अन्य शिक्षण सामग्री भी दीक्षा पोर्टल, यूट्यूब लिंक के माध्यम से वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम से विभिन्न प्रयोगात्मक व प्रोजेक्ट वर्क भी कराए जाएंगे। यह प्रोजेक्ट वर्क दीक्षा पोर्टल, यूट्यूब, वाट्सएप व अन्य पोर्टलों छात्रों को उपलब्ध कराए जाएंगे।इसके अलावा ऑनलाइन शिक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक समय-समय पर वेबिनार, ऑनलाइन ट्यूटोरियल प्रधानाचार्य को उपलब्ध कराएंगे।

यूपी बोर्ड ने अब हर स्टूडेंट्स के लिए फीडबैक डायरी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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यूपी बोर्ड ने अब हर स्टूडेंट्स के लिए फीडबैक डायरी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है।

हर विद्यालयों आयोजित करेगा वार्षिकोत्सव

यूपी बोर्ड ने हर विद्यालयों के लिए वार्षिकोत्सव अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह का समय तय किया गया है। इस सप्ताह में सभी विद्यालय वार्षिकोत्सव का आयोजन करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाएगा।

हर स्टूडेंट की बनेगी फीडबैक डायरी

यूपी बोर्ड ने CBSE व ICSE बोर्ड की तर्ज पर हर स्टूडेंट के लिए डायरी बनाना अनिवार्य कर दिया है। इस डायरी में विद्यार्थियों की प्रगति व प्रयासों के संबंध में फीडबैक दिया जाएगा। किसी डायरी के माध्यम से विद्यार्थी के अभिभावकों से पत्र व्यवहार भी होगा। अगर बच्चा क्लास में अनुपस्थित रहता है, या ठीक से पढ़ता नहीं है तो इसी डायरे के माध्यम से अभिभावकों को सूचित किया जाएगा। इसके अलावा अभिभावकों से भी इसी डायरी पर फीडबैक मांगा जाएगा।

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