एक साल तक नहीं लगेगा हाउस टैक्स : लखनऊ समेत प्रदेश के सात लाख घरों को राहत

नगर निगम और पालिका की सीमा में शामिल नए भवनों को एक साल का हाउस टैक्स नहीं देना होगा। फिलहाल शासन की तरफ से इसपर रोक लग गई है। लखनऊ में करीब ढ़ाई लाख और प्रदेश में सात लाख भवन मालिकों को इससे राहत मिलेगी। दरअसल, पिछले दिनों लखनऊ समेत कई नगर पालिका और निगमों का सीमा विस्तार किया गया था। उसमें नए इलाके शामिल हुए थे। सभी मकान मालिकों से इस साल का हाउस टैक्स लेना था, लेकिन सोमवार को हुई कैबिनेट में फिलहाल इसपर रोक लगा दिया गया है। हालांकि इसका लिखित आदेश आना अभी बाकी है।

नगर विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले इस मामले में अकेले लखनऊ में ढ़ाई लाख लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि दूसरी तरफ इससे नगर निगम के राजस्व को झटका लगेगा। उम्मीद थी कि इससे नगर निगम का राजस्व बढ़ेगा लेकिन अभी इसके लिए निगमों का मार्च 2022 तक का इंतजार करना पड़ेगा। मौजूदा समय प्रदेश में 17 निगम है। उसके अलावा 50 से ज्यादा नगर पालिका शामिल है।

50 करोड़ रुपए का लगा झटका सन

लखनऊ नगर निगम में करीब ढ़ाई लाख मकान शामिल हो रहे है। इससे 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का राजस्व नगर निगम को मिलना था लेकिन अब यह पैसा नगर निगम को नहीं मिलेगा। इसमें कई कॉलेज से लेकर अस्पताल, होटल और बड़े शोरूम मालिक शामिल है। बताया जा रहा है कि इसको लेकर काफी ज्यादा राजनीतिक दबाव था। क्योंकि एक – एक लोग का हाउस टैक्स लाखों रुपए बन रहा था। इसकी वजह से यह फैसला लिया गया है।

लखनऊ में इन गांव वालों को मिलेगी राहत

उत्तर सीमा के गांव

जेहटा, सैथा, अलीनगर, नरहरपुर, घैला, अल्लूनगर डिगुरिया, ककौली, मुतक्कीपुर, रायपुर, भिठौली खुर्द, मोहिउद्दीनपुर, खरगपुर जागीर, तिवारीपुर, मिर्जापुर, सैदपुर जागीर, रसूलपुर कायस्थ, अजनहर कलां, मिश्रपुर, गुडम्बा, बरखुरदारपुर, आधार खेड़ा, बसहा, दसौली, रसूलपुर सादात, मोहम्मदपुर मजरा, नौबस्ता कलां, गोयला और धावा।

पूरब सीमा के गांव

उत्तर धौना, गणेशपुर रहमानपुर, सेमरा, शाहपुर, सराय शेख, टेराखास, लौलाई, निजामपुर मल्हौर, हासेमऊ, भरवारा, लोनापुर, चंदियामऊ, भैसोरा, खरगापुर, हुसेडिय़ा, मकदूमपुर, मलेसेमऊ, बाघामऊ, मस्तेमऊ, अरदौना मऊ, सरसवां, अहमामऊ, चककंजेहरा, माढरमऊ खुर्द, माढरमऊ कलां, हसनपुर खेवली, यूसुफनगर, हरिहरपुर, मलाक, घुसवलकलां, देवामऊ, मुजफ्फुरनगर, घुसवल, निजामपुर मझिगवां, सोनई कजेहरा, बरौना, सेवई तथा बरौली खलीलाबाद।

दक्षिण सीमा के गांव

बिरूरा, हरिकंश गढ़ी, पुरसेनी, कल्ली पश्चिम, अलीनगर खुर्द, अशरफ नगर, रसूलपुर इठुरिया, बिजनौर, नटकुर, मीरानपुर पिनवट, अमौसी तथा अनौरा को सम्मिलित किए जाने का प्रस्ताव है।

पश्चिम सीमा के गांव

कलिया खेड़ा, अलीनगर सुनहरा, सदरौना, सरोसा भरोसा, नरौना, सलेमपुर पतौरा, सिकरोरी, लालनगर, महिपतमऊ, सरायप्रेमराज तथा मौरा।

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