विश्वस्तर के स्कूल बना रही है दिल्ली सरकार,

दिल्ली सरकार 15 अगस्त तक 20 स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस शुरु करेगी. स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए होंगे. इसमें स्टेम के 8 स्कूल, हयूमैनिटिज व 21वीं सेंचुरी हाई एन्ड स्किल्स के 5-5 स्कूल व विज़ुअल और परफॉर्मिंग आर्ट्स के 2 स्कूल शामिल हैं.

नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) 15 अगस्त तक 20 स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस शुरु करेगी. स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए होंगे. इसमें स्टेम के 8 स्कूल, हयूमैनिटिज व 21वीं सेंचुरी हाई एन्ड स्किल्स के 5-5 स्कूल व विज़ुअल और परफॉर्मिंग आर्ट्स के 2 स्कूल शामिल हैं. इन स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम), हयूमैनिटिज़, विज़ुअल और परफॉर्मिंग आर्ट्स और 21वीं सेंचुरी हाई एन्ड स्किल्स के क्षेत्र में विद्यार्थियों को एक एप्टीट्यूड टेस्ट के माध्यम से एडमिशन दिया जाएगा. स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस, दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन से एफिलिएटेड होंगे.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस और दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन सोसायटी की दूसरी आम सभा बैठक में इस योजना को मंजूरी मिली है. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अगले 2 सालों में, पूरी दिल्ली में लगभग 100 स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस शुरू किए जाएंगे. हर एजुकेशनल जोन में चारों प्रकार के स्पेशलाइज्ड स्कूल होंगे जिससे दिल्ली के सभी भागों के बच्चे अपने पड़ोस के स्पेशलाइज्ड स्कूल तक पहुंच सकें. बता दें कि डीबीएसीई में वर्ष 2021-22 के लिए दिल्ली के 30 सरकारी स्कूल होंगे. इसमें 10 सामान्य स्कूलों को डीबीएसई में और 20 स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस रजिस्टर होंगे.

विदेश में ले सकेंगे एडमिशन

उपमुख्यमंत्री ने कहा की इन स्कूलों में छात्रों के संपूर्ण विकास पर ध्यान दिया जाएगा जिससे वहां से पढ़कर निकलने के बाद हमारे विद्यार्थी देश और विदेश के चुनिंदा व सर्वश्रेष्ठ उच्च शिक्षा संस्थानों में एडमिशन ले सके. उन्होंने कहा कि पायलट फेज में स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस के हयूमैनिटिज, विज़ुअल और परफॉर्मिंग आर्ट्स और 21वीं सेंचुरी हाई एन्ड स्किल्स के स्कूलों में 9वीं कक्षा में दाखिले लिए जाएंगे, जबकि स्टेम स्कूलों में, कक्षा 9वीं और 11वीं दोनों के लिए एडमिशन लिए जाएंगे. इन स्कूलों में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों को एक स्क्रीनिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा जहां एक एप्टीट्यूड टेस्ट के माध्यम से उन्हें एडमिशन का मौका मिलेगा.

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